भिवानी में मनीषा हत्या कांड के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन और मोमबत्ती जलाकर इंसाफ की मांग

पूरा हरियाणा पुकार रहा है #JusticeForManisha

भिवानी (हरियाणा), 17 अगस्त – हरियाणा के भिवानी ज़िले से आई एक सनसनीखेज़ वारदात ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है। दरअसल, 18 वर्षीय मनीषा की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पहले वह अचानक 11 अगस्त को लापता हो गईं, और फिर 13 अगस्त को उनका सिर कटा शव खेतों में मिला। इस भीषण घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि ग्रामीणों में गुस्से की लहर साफ़ देखी जा सकती है।

हालांकि, शुरुआत में पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और मनीषा के पिता की शिकायत पर यह कह दिया कि बेटी शायद किसी लड़के के साथ भाग गई होगी। लेकिन जब 13 अगस्त को खेतों में शव बरामद हुआ, तो हालात पूरी तरह बदल गए। इसी बीच पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी पुष्टि कर दी कि हत्या उसी दिन, यानी 11 अगस्त को हुई थी।

इसके बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश और तेज़ हो गया। लोग सड़कों पर उतर आए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाज़ी करने लगे। इस दौरान ग्रामीणों ने यह आरोप भी लगाया कि अगर पुलिस ने शुरुआत से मामले को गंभीरता से लिया होता, तो शायद मनीषा की जान बच सकती थी। अंततः, बढ़ते दबाव के बीच पुलिस ने जांच को तेज़ करने का आश्वासन दिया है और सरकार से भी न्याय की मांग की जा रही है।

11 अगस्त को हुई थी लापता

11 अगस्त को हुई थी लापता

जानकारी के अनुसार, मनीषा एक प्राइवेट स्कूल में बच्चों को पढ़ाती थी और इसके साथ ही वह कॉलेज में एडमिशन लेने की तैयारी भी कर रही थी। 11 अगस्त की सुबह वह एडमिशन से जुड़ी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए घर से निकली। हालांकि, इसके बाद वह कभी वापस घर नहीं लौटी।

परिवार ने जब उसी दिन शाम को पुलिस से शिकायत दर्ज करानी चाही, तो बताया जाता है कि पुलिस का रवैया बेहद लापरवाह रहा। दरअसल, परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय यह कहकर टाल दिया कि “लड़की किसी लड़के के साथ भाग गई होगी।” इस बीच, परिवार ने लगातार बेटी की तलाश की, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा।

अंततः, दो दिन बाद यानी 13 अगस्त को हालात पूरी तरह बदल गए। उस दिन भिवानी ज़िले के सिहानी गांव के खेतों से मनीषा का शव बरामद हुआ। शव की हालत देखकर पूरे गांव में दहशत फैल गई। इसके अलावा, लोगों का गुस्सा और बढ़ गया क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ़ हुआ कि हत्या 11 अगस्त को ही कर दी गई थी। साथ ही, हत्यारों ने पहचान छिपाने के लिए मनीषा का सिर धड़ से अलग कर दिया था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि गरीब व्यक्ति की हत्या 11 अगस्त को ही कर दी गई थी। दूसरे शब्दों में कहें तो, जिस दिन वह अचानक लापता हुआ था, उसी दिन उसकी जान भी ले ली गई थी। इस खुलासे के सामने आते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों के बीच गहरा आक्रोश उमड़ पड़ा।

सबसे पहले, परिजनों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने न केवल शव लेने से इंकार कर दिया बल्कि न्याय की मांग को और मज़बूती से उठाया। इसके अलावा, गुस्साई भीड़ ने दिल्ली–पिलानी रोड पर जाम लगा दिया, जिसके कारण आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

इसके साथ ही, स्थानीय बाज़ार पूरी तरह से बंद रहे और हर गली-मोहल्ले में न्याय की मांग को लेकर नारेबाजी गूंजने लगी। नतीजतन, प्रशासन पर दबाव और जनाक्रोश दोनों लगातार बढ़ते गए।

प्रशासन पर गिरी गाज – SP बदले, पुलिसकर्मी निलंबित

जैसे ही इस पूरे मामले में पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आई, वैसे ही सरकार ने बिना किसी देर किए सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया। सबसे पहले, भिवानी के तत्कालीन एसपी मनबीर सिंह को उनके पद से तुरंत हटा दिया गया। इसके अलावा, पुलिस विभाग की जवाबदेही तय करते हुए पाँच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।

इसके साथ ही, प्रशासनिक सख्ती दिखाते हुए सरकार ने नए एसपी के रूप में आईपीएस अधिकारी सुनील कुमार को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी। इस बदलाव से स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की गई कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यानी एक तरफ़ जहाँ पुरानी टीम पर गाज गिरी, वहीं दूसरी तरफ़ नई जिम्मेदारियों के साथ एक नई टीम को मौके पर उतारा गया ताकि स्थिति को काबू में लाया जा सके और लोगों का भरोसा दोबारा कायम हो सके।

राजनीतिक बयानबाजी भी तेज

इस हत्या ने प्रदेश की राजनीति को भी गरमा दिया है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसे कानून-व्यवस्था की नाकामी बताते हुए दोषियों को फांसी देने की मांग की।

आम आदमी पार्टी और कांग्रेस समेत कई दलों ने सरकार को घेरा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की अपील की।

इंसाफ की मांग तेज

गांव ढाणी लखन और आसपास के इलाकों में माहौल बेहद ग़मगीन है। लोग सोशल मीडिया पर #JusticeForManisha ट्रेंड चला रहे हैं। हर कोई यही सवाल कर रहा है –

क्या पुलिस समय रहते सक्रिय होती तो मनीषा की जान बच सकती थी?

क्या दोषियों को जल्द सज़ा मिलेगी या यह मामला भी लंबी कानूनी लड़ाई में दब जाएगा?


👉 फिलहाल पुलिस की कई टीमें जांच में जुटी हैं। आरोपियों की तलाश की जा रही है। लेकिन पूरे हरियाणा की निगाहें इस केस पर टिकी हैं।

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85 thoughts on “पूरा हरियाणा पुकार रहा है #JusticeForManisha”

  1. मनीषा हत्या कांड ने पूरे हरियाणा को झकझोर दिया है। पुलिस की प्रारंभिक लापरवाही और समय पर कार्रवाई न करने के कारण एक जान गंवाई गई। सरकार और प्रशासन को चाहिए कि दोषियों को जल्द से जल्द सज़ा मिले और कानून-व्यवस्था में सुधार हो। #JusticeForManisha”

  2. Haryana ki pukar Manisha ke liye nyaay Ek bahut hi Sachi aur dahla Dene Wali ghatnayen Logon Ko Milkar iske liye pradarshan karna hoga Taki Baki Jo ladkiyon ke sath Aisa Na Ho Logon Ko Manisha Ko nyaay dilvana Hoga

  3. मनीषा की हत्या ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। यह केवल एक परिवार का दर्द नहीं बल्कि पूरे हरियाणा की अस्मिता का सवाल है। पुलिस की लापरवाही और प्रशासन की उदासीनता ने लोगों के गुस्से को और बढ़ा दिया है। अब ज़रूरी है कि दोषियों को सख़्त से सख़्त सज़ा मिले और न्याय जल्दी से जल्दी सुनिश्चित किया जाए। पूरा हरियाणा एक स्वर में मांग कर रहा है – #JusticeForManisha।

  4. गांव ढाणी लखन और आसपास के इलाकों में माहौल बेहद ग़मगीन है। लोग सोशल मीडिया पर #JusticeForManisha ट्रेंड चला रहे हैं।

  5. Mera Dil kap jata Hai yah sab sunkar…
    Is tarah ke logon Ko to chaurahe per Jinda gad Dena chahie.
    Inhen aisi maut Milani chahie ki koi aur yah sab karne se pahle hajar bar soche.
    Lekin afsos Aisa Koi Karta nahin Hai shuru shuru mein mamla garm rahata Hai uske bad sabhi thande pad jaate Hain

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